कोयला व्यापार

निगम के द्वारा प्रदेश शासन की नीति के अनुसार ईंट भट्ठों के प्रयोगार्थ हेतु स्लेक कोल का क्रय व विक्रय सन् 1991 से किया जा रहा है। उक्त कोयला कोल इण्डिया लि० की विभिन्न ईकाइयों से क्रय किया जाता है, तथा रेल के माध्यम से सम्बन्धित जनपद के गन्तव्य स्टेशन पर निगम द्वारा प्राप्त कर विक्रय किया जाता है। पूर्व वर्षों में निगम द्वारा निम्नांकित मात्रा का क्रय कर वितरित किया गया है। इससे प्रदेश में ईंटों के दामों में वृद्धि नहीं हो सकी है।

वर्तमान में प्रदेश शासन के द्वारा ईंट भट्ठों के प्रयोगार्थ हेतु 0.5 लाख मी० टन स्लैक कोल का आवंटन निगम के पक्ष में कर उसको उठाने तथा वितरित किये जाने के निर्देश दिये हैं। वित्तीय वर्ष 2003-04 तथा 2004-05 में कोल इण्डिया लि० द्वारा रैंक तथा मा० उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में कोयले की रैंक आवंटित न करने के कारण निगमों को उक्त व्यवसाय में शुद्ध लाभ प्राप्त नहीं हुआ है। वर्ष 2005 में जैसा कि ऊपर व्यक्त किया जा चुका है। निगम द्वारा 0.5 लाख मी० टन स्लैक कोल का क्रय कर वितरण किये जाने का कार्य शीघ्र शुरू किया जा रहा है।

Year Imported Profit
1995-96 21,452.76 746,042.00
1996-97 85,148.50 2,934,820.70
1997-98 57,001.30 30,11,398.29
1998-99 36,705.20 1,672,847.49
1999-00 64,271.85 3,118,095.83
2000-01 1,251.10 236,802.00
2001-02 9,182.20 518,766.85
2002-03 19,041.75 768,935.65